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Monday, 24 June 2013

गुजरातियों को उड़ाकर ले गये मोदी



गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी आंधी की तरह आये..और तूफ़ान की तरह गये... और उत्तराखंड से 2 दिन में 15000 गुजरातियों को निकाल ले गये.. उत्तराखंड में बरपे कुदरत के कहर के बाद अपनी स्पेशल 'रेस्क्यू टीम' संग देहरादून पहुंचे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी 'रैंबो स्टाइल' में दो दिन में करीब 15 हजार गुजराती श्रद्धालुओं को वहां से ले गए। हालांकि इस बीच नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से भी मुलाकात की और श्रीकेदारनाथ मंदिर को दोबारा बनवाने का राजनीतिक प्रस्ताव देकर कांग्रेसी नेताओं के जले पर नमक भी छिड़क दिया.
दो दिन के अपने प्रवास पर उत्तराखण्ड पहुंचे नरेन्द्र मोदी अपने साथ अपनी एक पूरी रेस्क्यू टीम लेकर आए थे. इैसमें 5 आईएएस, 1 आईपीएस, 1 आईएफएस और 2 गुजरात प्रशासनिक सेवा के आला अधिकारी थे. इसके अलावा दो डीएसपी और 5 पुलिस इंस्पेक्टर भी उनकी टीम का हिस्सा थे. देहरादून पहुंचते ही मोदी ने सबसे पहले जौली ग्रांट एयरपोर्ट पर इंतजार में बैठे 134 गुजराती तीर्थयात्रियों को अपने चार्टर्ड प्लेन से अहमदाबाद रवाना किया. इसके बाद वह करीब 1 बजे तक अपने टीम के साथ मीटिंग करते रहे.
बाढ़ से प्रभावित गुजरात के यात्रियों को देहरादून तक पहुंचाने के लिए 80 इनोवा लगाई गई थीं. इसके अलावा चार बोइंग विमानों का भी इंतजाम था. इसके अलावा शनिवार को 25 लग्जरी बसों से कई यात्रियों को दिल्ली रवाना किया गया. यह सबकुछ दिल्ली और देहरादून में तैनात दो सीनियर आईएएस अधिकारियों की देखरेख में हो रहा था. इसके अलावा हरिद्वार में भी एक मेडिकल टीम तैनात की गई थी. टिहरी में लोगों के सड़क जाम करने के कारण एक गुजराती श्रद्धालु की कार वहां फंस गई थी. मोदी की टीम के आईएएस अधिकारी ने तुरंत उसे वहां से निकलवाया.
यही नहीं गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने जब दोपहर प्रदेश सरकार के राहत अभियान में तालमेल की कमी पर नाराजगी जाहिर की, तो शाम को मोदी ने केदारनाथ के मंदिर के पुनर्निमाण इच्छा जाहिर कह बहुगुणा के जले पर नमक भी छिड़क दिया. मोदी ने बहुगुणा से मुलाकात में कहाकि वह केदारनाथ के मंदिर का आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण का जिम्मा लेने को तैयार हैं. उत्तराखंड बीजेपी के नेता मोदी के इस स्टाइल से बेहदृ प्रभावित हैं. वह उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं. हालांकि गुजराती समाज के लोगों को वहां से निकालने तक ही मोदी वहां रुके और उन्हीं की मदद की बाकी वे सिर्फ सलाह ही देते रहे. उन्होंने कई तरह की सलाह दी, लेकिन उत्तराखंड में आई आपदा में पीड़ितों की मदद के नाम पर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तर्ज पर अलग से कुछ नहीं किया.

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