आज केदारनाथ में सैकड़ों लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया जायेगा. इसके लिए पुरोहितों ने तैयारी शुरू कर दी है. उत्तराखंड के अधिकारी केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए 50 टन लकड़ी और इतनी ही मात्रा में देसी घी का इंतजाम करने की कोशिश कर रहे है. गढ़वाल प्रशासन के अधिकारियों ने वन निगम के अधिकारियों और अन्य एजेंसियों से इतनी मात्रा में जलावन लकड़ी और खुले बाजार से घी एकत्र करने को कहा है. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यदि मौसम अनुमति देता है तो हम आज से केदारनाथ में अंतिम संस्कार शुरु करना चाहते हैं. सभी संबंधित अधिकारियों से इंतजाम करने को कहा गया है. अधिकारी ने कहा कि मंदिर नगर या जहां भी शव बुरी तरह सड़ रहे हैं, वहां आज से अंतिम संस्कार शुरु होगा. हालांकि अंतिम संस्कार से पहले शवों की तसवीर ली जायेगी और उनका डीएनए सैंपल भी लिया जायेगा.
बारिश और बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित मंदिर नगर में कितने लोग मारे गये हैं, इसका सही आंकड़ा नहीं है. बीती रात और सुबह के समय राज्य के बहुत से हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन आज हेलीकॉप्टर अभियान शुरु होने की उम्मीद है. वहां आज भी तेज बारिश हो रही है, जिसके कारण हेलीकॉप्टर द्वारा किया जा रहा बचाव कार्य बाधित हो गया है, हालांकि जमीनी स्तर पर किये जा रहे बचाव कार्य अभी भी जारी हैं.
तेज बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बहुत बढ गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग और गुप्तकाशी में भूस्खलन की दो छोटी घटनाएं भी हुईं हैं. बुलडोजर की मदद से रास्ता साफ किया जा रहा है. ऋषिकेश-उत्तरकाशी मार्ग पर भी भूस्खलन की घटना घटी है. सेना ने कहा है कि बद्रीनाथ में फंसे लगभग 4,500 लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं, जिनमें स्थानीय लोग और तीर्थयात्री शामिल हैं. आईटीबीपी के डीजी अजय चड्ढा ने कहा है कि मौसम ठीक होते ही हवाई बचाव कार्य को तेज कर दिया जायेगा. केदारनाथ मंदिर के आसपास से बरामद शवों का अंतिम संस्कार आज कर दिया जायेगा
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