नेताओं
के चरित्र पर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। कभी उनके आर्थिक गड़बडि़यों के
लिए तो कई उनके वैयक्तिक जीवन को लेकर। नेताओं के विवाहेत्तर संबंध में
हमेशा से सुर्खियों में छाए रहे हैं। यूं तो दुनिया में कई प्रेम विवाह
होते हैं, लेकिन यह कुछ हटकर होगा जिसका कारण है इस विषय में कांग्रेस नेता
दिग्विजय सिंह का होना और दूसरा उनकी 67 साल की उम्र और आखिर में हाल ही
में उनकी पत्नी का स्वर्गवास होने के बावजूद वह प्रेम संबंध में पड़ गए। जब
बात नेता और पत्रकार की हो, तो सुर्खियों में रहना लाजिमी है। लिहाजा, जब
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और टीवी पत्रकार अमृता राय की प्रेम कहानी
की खबरें सरेआम हुई और बाद में इसकी स्वीकारोक्ति हुई, तो सोशल साइटस
ट्विटर पर यह टॉप ट्रेंड बन गया। उल्लेखनीय है कि सोशल साइट ट्विटर पर जो
विषय सबसे ज्यादा चर्चित होते हैं, उन्हें टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में रखा
जाता है। गूगल पर 5 लाख लोगों ने इस प्रेम कहानी को सर्च किया। इसके अलावा
फेसबुक और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कांग्रेस नेता और पत्रकार के
संबंध उजागर होने का मामला लगातार टॉप पर है। इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि
अपनी पत्नी अमृता और दिग्विजय सिंह के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया में मची
हलचल पर प्रोफेसर आनंद प्रधान ने नाराजगी जताई। उन्होंने फेसबुक पर लिखा,यह
मेरे लिए परीक्षा की घड़ी है। मैं और अमृता लंबे समय से अलग रह रहे हैं।
सहमति से तलाक के लिए आवेदन किया हुआ है। हमारे बीच संबंध बहुत पहले से
खत्म हो चुके हैं। अलग होने के बाद अमृता अपने बारे में कोई भी फैसला लेने
के लिए स्वतंत्र हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं। उन्हें भविष्य के लिए
शुभकामनाएं।
सच तो यह है कि कांग्रेस महासचिव और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
दिग्विजय सिंह हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। हर पखवाड़ा और हर माह वह
सुर्खियों में रहते हैं। मानो उनका यह सबसे प्रिय शगल हो। हालिया घटनाक्रम
में दिग्गी बाबू ने अपने प्यार को ट्विटर के जरिए दुनिया के सामने रखा है।
दूसरों के निजी जीवन में झांकने वाले दिग्गी बाबू ने खुद ही अपने निजी जीवन
की किताब को दुनिया भर के सामने खोलकर रख दिया है। दिग्विजय सिंह ने
खुलेआम ट्विटर पर अपने पिछले कुछ समय से टीवी एंकर अमृता राय के साथ प्रेम
संबंधों का खुलासा किया। इतना ही नहीं, वे जल्द ही अमृता के साथ शादी के
बंधन में बंध जाने का दावा भी कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह की लेडी लव अमृता राय जानी-मानी पत्रकार हैं। वे
एनडीटीवी न्यूज चैनल में एंकर थीं, फिर उन्होंने जी न्यूज ज्वाइन किया। इन
दिनों वे राज्य सभा टीवी में बतौर सीनियर एंकर काम कर रही हैं। ट्विटर पर
अपने रिश्ते को कबूल करने के बाद अमृता ने ये भी कहा कि उनका ई-मेल हैक कर
लिया गया है। इस बीच एक शादीशुदा महिला पत्रकार के साथ संबंधों की
स्वीकारोक्ति पर भाजपा की ओर से कहा गया कि यह नैतिकता का प्रश्न होने के
साथ अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए उन्हें सजा भी हो सकती है।
भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी के अनुसार, गुप्त विवाह संभव नहीं है। एक
वकील के नाते मैं कह सकती हूं कि अभी तलाक नहीं हुआ है। नैतिकता का सबक
देने वालों ने इसकी विकृत परिभाषा की है और कांग्रेस नेतृत्व को इसका
संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अभद्र किस्म की सीडी निकली है। मैं
दिग्विजय नहीं हूं, इसलिए उनके तरह की बात नहीं कर सकती हूं, लेकिन यह
जरूर कहूंगी कि नैतिकता के प्रश्न के साथ ही यह कायदे से अपराध भी है
क्योंकि उनकी अभी शादी नहीं हुई है। कानूनी तौर पर तलाक भी नहीं हुआ है।
लेखी ने कहा कि इस मामले में दिग्विजय सिंह को सजा भी हो सकती है और ऐसा
करना (उक्त महिला पत्रकार के) पति के अधिकार क्षेत्र में आता है। पति चाहे
तो दिग्विजय पर मामला कर सकते हैं। दिग्विजय पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने
कहा कि नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले ने नैतिकता की नई परिभाषा गढ़ी है।
बहरहाल, दिग्विजय सिंह और अमृता राय के संबंधों को
लेकर बहस-मुहाबिसों का दौर शुरू हो चुका है। वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार
कहते हैं कि दिग्विजय सिंह जानते थें कि अमृता किसी की पत्नी हैं। वे चाहते
तो अमृता जैसी महत्वाकांक्षी चरित्र को रोक सकते थे, लेकिन ऐसा लगता है
जैसे उन्हें तो बस उसके आगे बढ़ने की प्रतीक्षा थी या फिर इन्होंने ही पहल
कर दी हो। हो सकता है उसे परोक्ष तौर पर सत्ता का आकर्षण भी दिया हो। देखा
जाए तो कानूनी दृष्टि से भी यह अपराध है भले जो कुछ हुआ वह इनकी आपसी सहमति
से। जब तक अमृता कानूनन डा आनंद प्रधान की पत्नी हैं आप उनके साथ पत्नी की
तरह कैसे व्यवहार कर सकते हैं? दिग्विजय के कहने से लोग चुप नहीं हो
जाएंगे। आपने शर्मनाक तरीके से मर्यादा को तोड़ा है। मटुक चैधरी और जूली के
बाद आप दूसरे व्यक्तित्व बनकर सामने आए हैं। अमृता अजीब किस्म की
महत्वाकांक्षा की असीम विकृति का शिकार रहीं हैं। वे एक साधारण एंकर
थीं।राज्य सभा टीवी में आते ही उनका रवैया बदलने लगा। अमृता का हाव भाव
सामान्य एंकर की तरह नहीं था। धीरे-धीरे उनका प्रोमोशन होता गया, वो
यात्राएं करने लगीं, नेताओं का साक्षात्कार लेने लगीं और अपने को शायद
स्टार मानने लगीं। आनंद प्रधान से अलग होने की सोच के पीछे उनकी स्टार बन
जाने और सत्ता के शीर्ष पर संबंध होने की मानसिकता की प्रमुख भूमिका रही
है। इस नाते अमृता के कदम को मैं समर्थन नहीं दे सकता। यह सीधे-सीधे भौतिक
और सत्ता सुख पाने की महत्वाकांक्षा के तहत किया गया दुराचरण है। अगर एक ओर
महत्वाकांक्षा का खिंचाव है और दूसरी ओर किसी खूबसूरत, जवान और पढ़ी लिखी
संगिनी के साथ आलिंगबद्ध होने तथा जीने की कामना। समाज को इसका विरोध करना
चाहिए...
दूसरी ओर, वरिष्ठ पत्रकार शंभुनाथ शुक्ला कहते हैं कि दिग्गी को सलाम!
किसी भी पुरुष या स्त्री को किसी भी उम्र में परस्पर प्रेम करने का अधिकार
है। प्रेम को किसी भी बंधन में नहीं बांधा जा सकता न उम्र में, न जाति या
मजहब के बंधन में। प्रेम सिर्फ मन देखता है। पुराने भारत की नैतिकता का
उदाहरण देने वाले भूल जाते हैं कि खुद भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा
को अर्जुन के साथ भाग जाने में मदद की थी। और वे स्वयं रुक्मिणी का हरण
करके ही लाए थे। प्रेम यौनिकता से ही पैदा होता है और यह यौनिकता कमनीयता
से आती है। प्रेम को किसी भी मीटर में नहीं बांध सकते। प्रेम पर विरुद्ध
टिप्पणी करने वाले वही होते हैं जिन्होंने जीवन में कभी प्रेम नहीं किया
होता है। अतिवयस का प्रेम अतिरिक्त ही होता है। हमें दिग्विजय सिंह के साहस
की प्रशंसा करनी चाहिए कि उन्होंने प्रेम और यौनिकता को बजाय व्यापार में
बदलने के इसे स्वीकार किया और कानूनी जामा पहनाया।
ऐसा नहीं है कि यह पहली बार है जब नेताओं को इस प्रकार के मसलों से
दो-चार होना पड़ा है। यूं तो नेताओं के कई महिलाओं से संबंधों को लेकर काफी
बवाल मचा है। लेकिन इससे पूर्व पत्रकार से संबंधांे को लेकर पंजाब के
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सुर्खियों में रह चुके हैं। पंजाब
के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेसी नेता अमरिंदर सिंह और पाकिस्तान की
पत्रकार अरूषा आलम के बीच संबंधों की खबर आई थी। जिसके बाद कथित रिश्ते पर
सफाई देने के लिए पाकिस्तान की 50 वर्षीय पत्रकार आलम ने चंडीगढ़ में प्रेस
कॉन्फ्रेंस की। सफाई देते हुए अरूषा ने कहा था कि उनके अमरेंद्र सिंह के
साथ केवल दोस्ताना संबंध हैं और ये दोस्ती आगे भी रहेगी। सिंह और आलम की
मुलाकात 2004 में हुई थी, उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह पाकिस्तान गए हुए थे।
हाल के वर्षों में इसके अलावा एनडी तिवारी, महिपाल मदेरणा, अमरमणि
त्रिपाठी, चंदर मोहन उर्फ चांद और शशि थरूर की प्रेम कहानी भी खूब चर्चा
में रही। हरियाणा के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन और राज्य की
अतिरिक्त महाधिवक्ता अनुराधा बाली के बीच गुपचुप तरीके से प्यार हुआ और फिर
दोनों ने सार्वजनिक तौर पर अपने प्रेम का बखेड़ा खड़ा किया। चंद्रमोहन
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे हैं। शादी रचाने के लिए दोनों
ने इस्लाम धर्म कबूल लिया था। अनुराधा बाली ने अपना नाम फिजा रख लिया था
और चंद्रमोहन चांद मोहम्मद बन गए। कुछ महीने बाद ही दोनों में इस कदर टकराव
हो गया कि चांद ने फोन पर फिजा को तीन बार तलाक कहा और तीन बार तलाक लिखकर
एसएमएस भी कर दिया था। यह रिश्ता टूटने के बाद एक दिन अनुराधा बाली अपने
घर में मृत पाई गई थी। केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर की प्रेम
कहानी ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। कश्मीरी मूल की सुनंदा पुष्कर की शशि
थरूर से तीसरी शादी थी। पहले पति से तलाक के बाद सुनंदा की दूसरी शादी
सुजीत मेनन से हुई। सुजीत की मौत के बाद सुनंदा ने शशि थरूर से 2010 में
शादी की। मीडिया में शशि थरूर और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के कथित
रिश्ते आने के बाद सुनंदा पुष्कर दुखी रहने लगी। सोशल नेटवर्किंग साइट
ट्विटर पर सुनंदा के ट्वीट से इस रिश्ते के दरकने की शुरुआत होने लगी थी।
बाद में दिल्ली के एक होटल में सुनंदा पुष्कर की रहस्यमय परिस्थिति में मौत
से इस रिश्ते का दुखद अंत हुआ।
रोहित शेखर ने 2008 में अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया था कि
कांग्रेस के दिग्गज नेता एनडी तिवारी उसके पिता हैं। 2012 में पितृत्व
मामले के लिए तिवारी की डीएनए जांच के लिए जबरन नमूने लिये गये थे, जिससे
तिवारी के रोहित के जैविक पिता होने की बात साबित हुई थी। इसके बाद एनडी
तिवारी ने सार्वजनिक रूप से रोहित को अपना बेटा मान लिया था। पूर्व
केंद्रीय राज्यमंत्री शेर सिंह की बेटी उज्जवला ने बताया कि 1960 में जब
एनडी यूथ कांग्रेस के सदस्य थे और वह प्रोफेसर थी तभी दोनों की मुलाकात हुई
थी। 1968 में एनडी ने उन्हें पहली बार प्रपोज किया था, लेकिन उन्होंने
अपनी रजामंदी 1977 में दी थी। उज्जवला के मुताबिक एनडी से संबंध के बाद
1979 में रोहित का जन्म हुआ। अपनी कविताओं से कईयों के दिल पर राज करने
वाली मधुमिता की 2003 में उसके घर पर ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने उस दिन गोलियों की आवाज
सुनी थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि मधुमिता गर्भवती थी। जांच में पता चला
कि तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी से मधुमिता के संबंध
थे। माना जाता है कि शादी के लिए दबाव बनाने के चलते अमरमणि ने मधुमिता की
हत्या करवा दी थी। फिलहाल अमरमणि जेल में हैं। राजस्थान सरकार के पूर्व
मंत्री महिपाल मदेरणा और नर्स भंवरी देवी के अवैध संबंधों की सीडी बाहर आने
के बाद इस प्रेम कथा का खुलासा हुआ था। कुछ दिनों बाद भंवरी की हत्या के
बाद महिपाल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। फिलहाल महिपाल जेल में हैं।

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