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Monday, 14 August 2017
Saturday, 4 February 2017
गरीब और माध्यमवर्गीय लोगों के लिए बेहतरीन बजट
पूर्वांचल विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुमार पाण्डेय ने आम बजट को ऐतिहासिक बताया और गरीब और माध्यमवर्गीय लोगों के लिए बेहतरीन बजट कहा। साथ ही केंद्र सरकार देश निर्माण में है जुटी हुयी है।
आज देश के आम बजट और रेल बजट को लेकर अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा की केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किये गये बजट में जहां एक ओर बजट में सबसे से ज्यादा बल किसान, गांव और गरीब पर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी को सरकार ने इनकम टैक्स में बड़ी राहत दी और तीन लाख की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो स्वागतयोग है। फसल बीमा योजना के लिए 9 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। फसल बीमा 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को कर्ज देने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डेयरी, स्वच्छ भारत अभियान से लेकर रोजगार बढ़ाने के लिए भी सरकार ने विभिन्न आयामों की घोषणा बजट में की है।
असंगठित क्षेत्र को भी संगठित क्षेत्र के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने चुनावी खर्चों अंकुश लगाने और पार्टियों को मिलने वाले चंदा में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दिखायी है। रक्षा बजट में काफी इजाफा किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेल बजट में देश के विकास और आम आदमी की समृद्धि का हर संभव प्रयास किया है। यूपीए सरकार ने मनरेगा शुरू तो किया, लेकिन इसकी हालत खराब थी। लेकिन पीएम मोदी के सबका साथ – सबका विकास मिशन की दृढ़ प्रतिज्ञा ने कांग्रेस की नाकामी के प्रतीक बन चुकी मनरेगा से लोगों को रोजगार से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है।
इतना ही नहीं, बजट में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 1.84 करोड़ रूपए का प्रवाधान किया है, जो महिला सशक्तिकरण को और मजूबत करेगा। वित्त मंत्री जी ने बजट में सबों का ख्याल रखते हुए एक विकासोन्मुखी बजट देश को दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री जी के देश को आगे बढ़ाने संकल्प है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री जी को बधाई देते हैं।
आज देश के आम बजट और रेल बजट को लेकर अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा की केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किये गये बजट में जहां एक ओर बजट में सबसे से ज्यादा बल किसान, गांव और गरीब पर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी को सरकार ने इनकम टैक्स में बड़ी राहत दी और तीन लाख की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो स्वागतयोग है। फसल बीमा योजना के लिए 9 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। फसल बीमा 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को कर्ज देने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डेयरी, स्वच्छ भारत अभियान से लेकर रोजगार बढ़ाने के लिए भी सरकार ने विभिन्न आयामों की घोषणा बजट में की है।
असंगठित क्षेत्र को भी संगठित क्षेत्र के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने चुनावी खर्चों अंकुश लगाने और पार्टियों को मिलने वाले चंदा में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दिखायी है। रक्षा बजट में काफी इजाफा किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेल बजट में देश के विकास और आम आदमी की समृद्धि का हर संभव प्रयास किया है। यूपीए सरकार ने मनरेगा शुरू तो किया, लेकिन इसकी हालत खराब थी। लेकिन पीएम मोदी के सबका साथ – सबका विकास मिशन की दृढ़ प्रतिज्ञा ने कांग्रेस की नाकामी के प्रतीक बन चुकी मनरेगा से लोगों को रोजगार से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है।
इतना ही नहीं, बजट में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 1.84 करोड़ रूपए का प्रवाधान किया है, जो महिला सशक्तिकरण को और मजूबत करेगा। वित्त मंत्री जी ने बजट में सबों का ख्याल रखते हुए एक विकासोन्मुखी बजट देश को दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री जी के देश को आगे बढ़ाने संकल्प है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री जी को बधाई देते हैं।
Saturday, 24 December 2016
अटलजी की कविताओं को हिन्दी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए...
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारतीय जनसंघ के संस्थापक, भारतीय जनता
पार्टी के संस्थापक सदस्य, कवि और 11 भाषाओं के ज्ञाता अटल बिहारी वाजपेयी
जी को जन्मदिन के शुभ-अवसर पर आपके अच्छे स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की
प्रार्थना करता हूँ।
अटल जी आप मेरे प्रेरणा स्त्रोत हैं. आप एक कुशल कवि, राजनेता और वक्ता रहे हैं. जब भी हताश होता हूँ, आपकी कोई कविता पढ़ लेता हूँ और मन प्रफुल्लित-ऊर्जीत हो जाता है।
मैं मोदी सरकार से निवेदन करता हूँ कि अटलजी की कविताओं को और उनकी जीवनी को विभिन्न बोर्ड के हिन्दी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि आनेवाली पीढ़ियों को उचित प्रेरणा मिले।
अटल जी आप मेरे प्रेरणा स्त्रोत हैं. आप एक कुशल कवि, राजनेता और वक्ता रहे हैं. जब भी हताश होता हूँ, आपकी कोई कविता पढ़ लेता हूँ और मन प्रफुल्लित-ऊर्जीत हो जाता है।
मैं मोदी सरकार से निवेदन करता हूँ कि अटलजी की कविताओं को और उनकी जीवनी को विभिन्न बोर्ड के हिन्दी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि आनेवाली पीढ़ियों को उचित प्रेरणा मिले।
Saturday, 17 December 2016
बीजेपी को महंगा पड़ सकता है मोदी का नोटबंदी फैसला
उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव सिर पर आ चुके हैं, पार्टी कार्यकर्ता नोटबंदी के फैसले पर वोटरों की नाराजगी को लेकर आशंकित हैं. वे काले धन को तो किसी भावनात्मक बात से जोड़ सकते हैं पर डिजिटल पेमेंट को आम जनता में स्वीकार्य कैसे बनायेंगे?
एक ऐसा देश जहां लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर विश्वास कम है, मोबाइल फोन अब भी कौतुक की चीज है, कैशलेस पेमेंट करने के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है वहां कोई पार्टी कैसे ग्रामीण जनता को डिजिटल होने के फायदे गिना सकती है.
उससे भी खराब यह कि डिजिटल होने की बात से यह जनता इतनी अनभिज्ञ और अनजान हैं कि तकनीक की ये बातें उनकी समझ में भी नहीं आएंगी. मोदी जैसे जमीन से जुड़े और अनुभवी नेता को इस बात का एहसास तो होगा.
वे यह तो समझते ही होंगे कि विमुद्रीकरण के इस फैसले से जनसाधारण में किस तरह की नाराजगी है और इस फैसले पर और ज्यादा समय तक विरोध का बचाव नहीं किया जा सकता. पहली बार किसी मुद्दे पर विपक्ष मजबूत दिख रहा है. फैसले पर उठे सवालों पर संसद या और किसी बहस में तो बचा जा सकता है पर विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जमीन पर काम कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को इस फैसले से उपजे कैश संकट का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
ऐसा भी लगता है कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के फैसले को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है. जो भी हो वे इसे हर हाल में न्यायोचित ठहराएंगे चाहे इसके लिए कोई भी अव्यवहारिक कदम उठाना पड़े, भले ही उससे मौजूदा मुश्किलें हल होने के बजाय बढ़ ही क्यों न जाएं.
मोदी नाटकीयता और भव्यता पसंद करते हैं, इससे उनकी छवि को फायदा मिलता है. पर इस बार ऐसा लगता है कि स्थितियां उनके काबू से बाहर हो चुकी हैं. पर वे इसे स्वीकार नहीं करना चाहते जिसका नतीजा भविष्य में उनकी पार्टी को भुगतना पड़ सकता है.
एक ऐसा देश जहां लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर विश्वास कम है, मोबाइल फोन अब भी कौतुक की चीज है, कैशलेस पेमेंट करने के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है वहां कोई पार्टी कैसे ग्रामीण जनता को डिजिटल होने के फायदे गिना सकती है.
उससे भी खराब यह कि डिजिटल होने की बात से यह जनता इतनी अनभिज्ञ और अनजान हैं कि तकनीक की ये बातें उनकी समझ में भी नहीं आएंगी. मोदी जैसे जमीन से जुड़े और अनुभवी नेता को इस बात का एहसास तो होगा.
वे यह तो समझते ही होंगे कि विमुद्रीकरण के इस फैसले से जनसाधारण में किस तरह की नाराजगी है और इस फैसले पर और ज्यादा समय तक विरोध का बचाव नहीं किया जा सकता. पहली बार किसी मुद्दे पर विपक्ष मजबूत दिख रहा है. फैसले पर उठे सवालों पर संसद या और किसी बहस में तो बचा जा सकता है पर विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जमीन पर काम कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को इस फैसले से उपजे कैश संकट का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
ऐसा भी लगता है कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के फैसले को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है. जो भी हो वे इसे हर हाल में न्यायोचित ठहराएंगे चाहे इसके लिए कोई भी अव्यवहारिक कदम उठाना पड़े, भले ही उससे मौजूदा मुश्किलें हल होने के बजाय बढ़ ही क्यों न जाएं.
मोदी नाटकीयता और भव्यता पसंद करते हैं, इससे उनकी छवि को फायदा मिलता है. पर इस बार ऐसा लगता है कि स्थितियां उनके काबू से बाहर हो चुकी हैं. पर वे इसे स्वीकार नहीं करना चाहते जिसका नतीजा भविष्य में उनकी पार्टी को भुगतना पड़ सकता है.
Saturday, 29 October 2016
देश की सेना को मेरी तरफ से दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं
“देश की सेना के जवानों और नवजनों को मेरी तरफ से दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं और सभी को हैप्पी दीवाली.”
पूर्वांचल विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुमार पाण्डेय की तरफ से दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं
#Sandesh2Soldiers #HappyDeepavali
पूर्वांचल विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुमार पाण्डेय की तरफ से दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं
#Sandesh2Soldiers #HappyDeepavali

Saturday, 17 September 2016
PM नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं
वैसे तो नरेंद्र मोदी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं.. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस दिन को लेकर उत्साह का माहौल है। सबसे पहले पूर्वांचल विकास मोर्चा की तरफ से मैं मोदी जी को हृदिक बधाई देता हूं।
नरेन्द्र मोदी भारत के 15 वें प्रधानमंत्री हैं, उनकी पहचान पूरे विश्व में है। मोदी भारत के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और इसी कारण से उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में बहुत वोटों से जीत दर्ज की थी।
मोदी जी का जन्म भारत के गुजरात राज्य में हुआ था, शुरू से ही उन्हें अपनी मातृभूमि से लगाव था। मोदी के बारें मे कहा जाता है कि उन्होंने बाल्यअवस्था में ही विश्व से सबसे बड़े संगठन रास्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से अपने को जोड़ लिया था।
मोदी जी का जीवन संघर्ष से भरा हुआ था, उनका जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था, उनके परिवार की हालत सही नहीं थी। गरीबी के उस जमानें में हमारे प्रधानमंत्री ने बहुत संघर्ष किया था, उन्होंने रेलवे स्टेशन पर चाय भी बेची थी। मोदी जी अपने पिता के आज्ञाकारी थे इसलिए उनका हाथ बंटाने के लिए और घर की हालत को सुधारने के लिए वे पिताजी के साथ चाय भी बेंचते थे।
नरेन्द्र मोदी भारत के 15 वें प्रधानमंत्री हैं, उनकी पहचान पूरे विश्व में है। मोदी भारत के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और इसी कारण से उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में बहुत वोटों से जीत दर्ज की थी।
मोदी जी का जन्म भारत के गुजरात राज्य में हुआ था, शुरू से ही उन्हें अपनी मातृभूमि से लगाव था। मोदी के बारें मे कहा जाता है कि उन्होंने बाल्यअवस्था में ही विश्व से सबसे बड़े संगठन रास्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से अपने को जोड़ लिया था।
मोदी जी का जीवन संघर्ष से भरा हुआ था, उनका जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था, उनके परिवार की हालत सही नहीं थी। गरीबी के उस जमानें में हमारे प्रधानमंत्री ने बहुत संघर्ष किया था, उन्होंने रेलवे स्टेशन पर चाय भी बेची थी। मोदी जी अपने पिता के आज्ञाकारी थे इसलिए उनका हाथ बंटाने के लिए और घर की हालत को सुधारने के लिए वे पिताजी के साथ चाय भी बेंचते थे।
Sunday, 14 August 2016
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हमारा संदेश
पूर्वांचल विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुमार पाण्डेय ने
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी
हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर हम उन बहादुर
स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम करते हैं जिनके साहस और बलिदान ने हमें
दमनकारी औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराया।
एक आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राज्य बनाने में उनकी नि: स्वार्थ सेवाओं के बलिदान के लिए हम अपने नए लोकतंत्र के निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
आइए, इस महत्वपूर्ण दिन को मनाने के साथ ही हम सभी एकजुट होकर और शांति, प्रगति और समृद्धि के रास्ते पर देश को आगे ले जाने के लिए सामूहिक रूप से काम करें"।
एक आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राज्य बनाने में उनकी नि: स्वार्थ सेवाओं के बलिदान के लिए हम अपने नए लोकतंत्र के निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
आइए, इस महत्वपूर्ण दिन को मनाने के साथ ही हम सभी एकजुट होकर और शांति, प्रगति और समृद्धि के रास्ते पर देश को आगे ले जाने के लिए सामूहिक रूप से काम करें"।

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